राष्ट्रीय पोषण माह को सही पोषण छत्तीसगढ़ रोशन के नाम से आयोजित करने हेतु कम्प्यूटर आधारित प्रस्तुतिकरण

 राष्ट्रीय पोषण माह को सही पोषण छत्तीसगढ़ रोशन के नाम से आयोजित करने हेतु कम्प्यूटर आधारित प्रस्तुतिकरण

राष्ट्रीय पोषण माह को सही पोषण छत्तीसगढ़ रोशन के नाम से आयोजित करने हेतु कम्प्यूटर आधारित प्रस्तुतिकरण

मुंगेली 07  सितम्बर 2020//  कलेक्टर श्री पी.एस.एल्मा की अध्यक्षता में आज  कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभा कक्ष में राष्ट्रीय पोषण माह को सही पोषण छत्तीसगढ़ रोशन के नाम से करने हेतु बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर राष्ट्रीय पोषण माह को सही पोषण छत्तीसगढ़ रोशन के नाम से आयोजित करने हेतु कम्प्यूटर आधारित प्रस्तुतिकरण की गई । प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया कि सितंबर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है।  जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सहयोगी विभागों के साथ समन्वय कर पूर्व निर्धारित कैलेंडर के अनुसार गतिविधियों एवं कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। राष्ट्रीय पोषण माह का मुख्य लक्ष्य बच्चों एवं महिलाओं में कुपोषण एवं एनीमिया की दर में प्रतिवर्ष 2 प्रतिशत की कमी लाई जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र कश्यप ने बताया कि  कलेक्टर श्री पी. एस. एल्मा  के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय पोषण माह मनाने हेतु 7 सितम्बर  से 30 सितंबर तक के कार्यक्रम निर्धारित कर लिए गये थे। लेकिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी के दुख निधन के कारण 31 अगस्त से 6 सितम्बर तक राजकीय शोक घोषित किये जाने के फलस्वरूप राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम का आयोजन  आज 7 सितम्बर से शुरू किया गया है और यह कार्यक्रम 30 सितम्बर तक चलेगा। यह कार्यक्रम सही पोषण छत्तीसगढ़ रोशन के नाम से संचालित होगी। पंचायतों एवं नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित कर पोषण संबंधित चर्चा की जाएगी। वहीं एनीमिया, डायरिया से बचाव एवं रोकथाम के उपायों एवं हाथ धुलाई संबंधी नारे स्लोगन आदि के माध्यम से राष्ट्रीय पोषण माह का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा । इसके साथ ही स्कूली बच्चों के मध्य एक कदम सुपोषण की ओर विषय पर निबंध, चित्रकला, रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वही हाथ धुलाई कार्यक्रम, गोली वितरण, किशोरी बालिकाओं का परीक्षण इत्यादि गतिविधियां भी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही इनकी गतिविधियों को सोशल मीडिया तथा ट्यूटर , फेसबुक, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा।  आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा प्राथमिकता के आधार पर नवजात शिशु बच्चों का वजन, गर्भवती माताओं को पोषक आहार, माताओं एवं किशोरी बालिकाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सब्जी का सेवन करने संबंधी परामर्श भी दी जाएगी।

इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, आश्रम छात्रावासों में भी पोषण वाटिका, सब्जी लगाने सहित पपीता, आंवला, फलदार पौधे रोपित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। 7 सितंबर से राष्ट्रीय पोषण माह प्रारंभ के साथ  साथ शासन के निर्देशानुसार आज से 7 सितंबर से ही गर्भवती  एवं शिशुवती तथा एनीमिया महिलाओं को कुपोषण और एनीमिया के चक्र से बाहर निकालने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्म पौष्टिक भोजन की व्यवस्था शुरू की गई है। कम्प्यूटर आधारित प्रस्तुतिकरण में सभी दिशा निर्देशों एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हितग्राहियों को पाली पाली में भोजन कराने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बुलाए जाने की भी बात कहीं गई है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारी श्रीमति नुपूर राशि पन्ना, वनमण्डलाधिकारी श्री आर सी दुग्गा, अपर कलेक्टर श्री राजेश नशीने, मुंगेली एवं पथरिया अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, विभिन्न विभागो के जिला स्तरीय अधिकारी सभी विकास खण्ड के मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्य पालन अधिकारी और नगरीय निकायों के सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित थे।

rj ramjhajhar

rj ramjhajhar

Related post