रायगढ़:गांधी जयंती पर राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा गांधी दर्शन पर परिचर्चा

 रायगढ़:गांधी जयंती पर राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा गांधी दर्शन पर परिचर्चा

स्वच्छता एवं सेवा पर ऑनलाइन बेबीनार सम्पन्न……….
= गांधी के जंतर को हृदय में धारण करें- डॉ.मनोज सिन्हा =
● तारापुर एनसीसी एवं एनएसएस द्वारा गांधी दर्शन पर परिचर्चा

 रिपोर्ट -मोहन नायक,रायगढ़

रायगढ़  ।राष्ट्रीय सेवा योजना एवं नेशनल कैडेट कोर (एनएसएस व एनसीसी) के संयुक्त तत्वावधान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तारापुर जिला रायगढ़ द्वारा महात्मा गांधी के जन्म शताब्दी वर्ष के समापन तथा 151वीं जन्म दिवस के अवसर पर ऑनलाइन संगोष्ठी के माध्यम से गांधी दर्शन पर केंद्रित विषय – महात्मा गांधी स्वच्छता व समाज सेवा कार्य में विद्यार्थियों की भूमिका पर परिचर्चा का विशेष कार्यक्रम प्रायोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मनोज सिन्हा (समन्वयक रा.से.यो. अटल बिहारी बाजपेयी वि.वि. बिलासपुर)की सहभागिता रही एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्याचरण प्रसाद कालो प्राचार्य तारापुर, के साथ मुख्य मार्गदर्शक प्रवक्ता प्रो. वाई.के.तिवारी प्राध्यापक शास.कमला नेहरू कालेज कोरबा एवं जिला संगठक राष्ट्रीय सेवा योजना कोरबा (छ.ग.)एवं विशेष आमंत्रित वक्ता श्रीमती पुष्पांजलि दासे (कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना बड़े भंडार) प्रमोद कुमार यादव, व्याख्याता एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छोटे मुड़पार खरसिया जिला-रायगढ़, के साथ साथ कार्यक्रम अधिकारी बटमुल कालेज डॉ.गजेंद्र चक्रधारी, बरमकेला विकास खंड से हायर सेकेंडरी स्कूल हिर्री के प्राचार्य विशेश्वर नायक एवं कार्यक्रम अधिकारी तथा तारापुर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं की विशेष भागीदारी में कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक भोजराम पटेल (कार्यक्रम अधिकारी रासेयो) एवं अंत मे आभार प्रदर्शन किरण कुमार पटेल (एनसीसी ऑफिसर तारापुर) द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय के प्राचार्य विद्या चरण प्रसाद कालो द्वारा स्वागत उद्बोधन देते हुए समस्त आमंत्रित मुख्य अतिथि सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया गया एवं अपने विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें धन्यवाद भी दिया। इस अवसर पर समस्त वक्ताओं ने गांधी जी के जीवन दर्शन एवं स्वच्छता सेवा पर अपनी प्रेरक व बहुमूल्य विचारों से अवगत कराते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। विद्यालय स्टॉफ की ओर से श्रीमती मंजू पटेल द्वारा स्वच्छता अभियान में विद्यार्थियों की भूमिका पर वक्तव्य दिया गया वहीं प्रतिभागी समस्त छात्र छात्राओं की ओर से कुमारी दिव्या पटेल द्वारा भी अपना विचार व्यक्त किया गया बेविनार के मुख्य अतिथि अटल बिहारी बाजपेयी विवि के को-आर्डिनेटर डॉ. मनोज कुमार सिन्हा ने बेविनार मे कहा कि गांधी जी ने एक जंतर दिया कि जब भी तुंम्हारे मन मे कोई संदेह उत्पन्न हो या अहंकार हावी हो तब तुम समाज के सबसे पिछड़े दबे कुचले दुःखी व्यक्ति का चेहरा याद करना और सोचना कि तुंम्हारे इस कृत्य से उस व्यक्ति का क्या भला हो सकता है, तुम देखोगे कि तुम्हारा संदेह मिटने लगेगा तुम्हारा अहंकार समाप्त होने लगेगा। डॉ. सिन्हा ने कहा कि हम गांधी के अहिंसा,सेवा, स्वच्छता, आदर्श व सिद्धांत को जन जन तक पंहुचाने का संकल्प लें।इस दिशा में हस्मसरे राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेववक, एन सीसी के केडेट्स की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका हैम देखते हैं।
◆ *महात्मा बनने के लिए लेना पड़ता है संकल्प- प्रो.तिवारी*
ऑनलाइन ऑनलाइन बेबी नार के विशेष मार्गदर्शक प्रवक्ता कोरबा जिला संगठक ने कहा कि महात्मा बनने के लिए जीवन में संकल्प सेवा सादगी का आदमी बनना पड़ता है कहने के स्थान पर करने के लिए तथा सत्य की प्रति अटूट आस्था होना चाहिए तभी हम गांधी और महात्मा बन सकते हैं प्रोफेसर तिवारी ने गांधी जी के स्वच्छता अभियान का उल्लेख करते हुए वर्धा आश्रम में अपने अनुभव को विद्यार्थियों की भी साझा किया तथा जीवन में स्वच्छता को आत्मसात करने का आह्वान किया।
◆ *सत्य और अहिंसा एक ही मूल्य के दो पहलू- प्रमोद कुमार यादव*
वेबीनार के विशेष आमंत्रित वक्ता एकलव्य आवासीय विद्यालय मुड़पार (खरसिया) के व्याख्याता प्रमोद कुमार यादव ने गांधी जी के जीवन से संदर्भित विभिन्न पहलुओं को बताते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा दोनों एक ही मूल्य के दो पहलू हैं सत्य के मार्ग पर चलने वाला ही अहिंसक होगा और धैर्य तथा संतोष होने पर हम सत्य के मार्ग पर चल सकते हैं । गांधी जी ने विषम परिस्थिति में भी अपने आप को संतुलित और धैर्यवान रखा सत्य के मार्ग को नहीं छोड़ा यही कारण है कि वे विश्व के महान व्यक्तित्व बने।
◆ *स्वदेशी और स्वाभिमान के संरक्षक थे गांधी – पुष्पांजलि दासे*
वेबीनार कार्यक्रम में आमंत्रित वक्ता पुष्पांजलि दासे कार्यक्रम अधिकारी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़े भंडार ने कहा कि आज समाज में अव्यवस्था अराजकता अनाचार दुराचार एवं महिलाओं के प्रति होने वाले शोषण व अन्याय के पीछे मूल कारण हमारा गांधी दर्शन से विमुख होना है। हमें आज रोजगार की तलाश है इसके लिए गांधी जी ने स्वदेशी का रास्ता अपनाने और स्वाभिमान के साथ जीवन जीने हेतु हमें संदेश दिया परंतु हम इसे अपने व्यवहार में नहीं उतारने के कारण आज दुखी हैं व्यथित हैं गांधी के सिद्धांतों को व्यवहार में उतार कर ही हम शांति और सद्भावना का वातावरण बना सकते हैं।

rj ramjhajhar

rj ramjhajhar

Related post