रायगढ़; जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की साईबर क्राइम, रैंगिग, महिला उत्पीडऩ पर वर्चुअल बैठक

 रायगढ़; जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की साईबर क्राइम, रैंगिग, महिला उत्पीडऩ पर वर्चुअल बैठक

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की साईबर क्राइम, रैंगिग, महिला उत्पीडऩ पर वर्चुअल बैठक
जिला न्यायाधीश श्री रमाशंकर प्रसाद ने दिये छात्रों के सवालों के जवा

रायगढ़, 23 सितम्बर2020/ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न संवेदनशील व महत्वपूर्ण विषयों पर चल रही वर्चुअल बैठकों की श्रृंखला के अनुक्रम में बीते बुधवार को साइबर क्राइम, रैगिंग व महिला उत्पीडऩ जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के अध्यक्ष व जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रमाशंकर प्रसाद के द्वारा हाई व हायर सेकेण्डरी स्कूल के प्राचार्यों व बच्चों की ऑनलाईन वर्चुअल मीटिंग ली गई।
साइबर क्राइम, महिला उत्पीडऩ व धारा 354, रैगिंग जैसी संवेदनशील विषयों पर हुई विधिक वर्चुअल बैठक में, जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रमाशंकर प्रसाद, एडीजे श्री चंद्र कुमार कश्यप, अपर जिला न्यायाधीश श्री दिग्विजय सिंग ने बच्चों द्वारा पूछे गए कई रोचक प्रश्नों का सटीक जवाब दिया। मीटिंग के दौरान जिले सेे हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूल के बच्चों ने साइबर क्राइम, रैगिंग, महिला उत्पीडऩ सम्बन्धी महत्वपूर्ण प्रावधानों, कानूनों से सम्बंधित, अपने कई शंका सवालों का समाधान प्राप्त कर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।


बताया क्या है साइबर क्राइम व इसकी सजा
जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रमाशंकर प्रसाद व एडीजे श्री कश्यप ने बताया कि साइबर अपराध एक आपराधिक गतिविधि है, जिसे कंप्यूटर, इंटरनेट के उपयोग द्वारा अंजाम दिया जाता है। इसे इलेक्ट्रॉनिक अपराध के रूप में भी जाना जाता है, जिसमें कंप्यूटर, नेटवर्क डिवाइस का उपयोग एक वस्तु या उपकरण के रूप में करके साइबर जबरन वसूली, पहचान की चोरी, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, व्यक्तिगत डेटा हैकिंग, फिशिंग, अवैध डाउनलोडिंग, साइबर स्टाकिंग, वायरस प्रसार जैसे अपराधों को अंजाम दिया जाता है। साइबर अपराधों से निपटने सरकार के समन्वित व प्रभावी तरीकों अंतर्गत देश मे साइबर स्वच्छता केंद्र की स्थापना के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं अंतर्गत 2 वर्ष से लेकर उम्र कैद तथा दंड अथवा जुर्माने का प्रावधान है।


महिला उत्पीडऩ व धारा 354 पर दी जानकारी
जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्रसाद ने बताया कि महिला उत्पीडन की धारा 354 का सम्बंध महिला को शारीरिक और मानसिक पीड़ा पहुचाने से है। शारीरिक पीड़ा से तात्पर्य किसी भी महिला या लड़की को उसकी मर्जी के बिना या बुरे आशय से छूने या क्षति पहुचाने से तथा मानसिक पीड़ा से तात्पर्य है किसी महिला या लड़की को छुपकर देखने से, घूरने या गलत तरीके से देखना या उसकी फोटो लेना, या फोटो के दुरुपयोग करना या किसी महिला या लड़की को उसकी मर्जी के बिना कुछ भी गलत साहित्य या वीडियो दिखाना, जिससे महिला मानसिक रूप से परेशान हो जाये। एडीजे कश्यप ने छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि यदि कोई व्यक्ति किसी महिला की मर्यादा भंग करने के लिए, उस पर हमला या जोर जबरदस्ती करता है, तो आईपीसी की धारा 354 के तहत उसपर दोष सिद्ध होने पर 2 साल की सजा या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है
रैगिंग पर बच्चों के सवालों के दिये जवाब
रैगिंग पर बच्चों के सवालों पर डीजे श्री रमाशंकर प्रसाद ने बच्चों को बताया किए रैगिंग के अंतर्गत कालेजों, विश्व विद्यालयों में वरिष्ठ छात्रों द्वारा नये छात्रों से बहुत ही अपमानजनक रूप से पेश आना, अभद्र हरकते व अभद्र तरीको के प्रदर्शन करने जोर व दबाव डालना, छात्रों के रंगरूप, पहनावे पर टिप्पणी करना जिससे छात्रों के स्वाभिमान को ठेस पहुँचे, किसी छात्र को उसकी क्षेत्रीयता,भाषा या जाति के आधार पर अपमानित करना, नस्ल या फैमिली बैक ग्राउंड पर अभद्र टिप्पणी करने जैसे कृत्य आते है। रैगिंग की रोकथाम के लिए देश मे एन्टी रैगिंग कानून भी बनाया गया है। जिसके तहत दोषी पाए जाने पर 3 साल सजा व आर्थिक दंड तथा दोषी छात्र को सजा मिलने के साथ साथ संबद्ध कालेज को कार्यवाही के तौर पर आर्थिक दंड का भी प्रावधान है।
इस वर्चुअल मीटिंग में शिक्षा विभाग से जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर.पी.आदित्य, सहायक संचालक शिक्षा श्री कमल किशोर स्वर्णकार, डीएमसी श्री रमेश देवांगन व तकनीकी सहायक के रूप में एपीसी श्री भुवनेश्वर पटेल उपस्थित थे।

rj ramjhajhar

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