राजनांदगांव:कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन न करने पर कोरोना पॉजिटिव मरीज की होम आइसोलेशन लापरवाही खतरनाक हो सकती है

 राजनांदगांव:कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन न करने पर कोरोना पॉजिटिव मरीज की होम आइसोलेशन लापरवाही खतरनाक हो सकती है

कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन न करने पर कोरोना पॉजिटिव मरीज
की होम आइसोलेशन लापरवाही खतरनाक हो सकती है
होम आइसोलेशन के प्रोटोकॉल का पालन करें एवं सुरक्षित और स्वस्थ रहें

राजनांदगांव 24 सितम्बर 2020। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी  ने बताया कि राजनांदगांव जिले में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा हैं। संक्रमण बढऩे का मुख्य कारण व्यक्तिगत सुरक्षा में कमी, घर से बाहर निकलने पर नागरिकों द्वारा मास्क  नहीं लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करना तथा हाथों को सेनेटाईज नहीं करना है। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति मास्क लगाते भी है, तो वे नाक खुला रहते हैं। कोरोना के प्रोटोकाल का पालन ना दुकानदार कर रहे हैं और न ही ग्राहक। उन्होंने कहा कि दुकान में काम करने वाले कर्मचारी व्यक्तिगत सुरक्षा करेंगे तभी हम कोरोना संक्रमण से बच सकते हैं और अपने परिवार को संक्रमण से बचा सकते हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॅा. मिथिलेश चौधरी ने बताया कि राज्य शासन द्वारा होम आइसोलेशन का विकल्प भी दिया गया है। किन्तु होम आइसोलेशन का विकल्प आसान नहीं है। इसमें कोरोना पॉजिटिव मरीज में किसी प्रकार का भी लक्षण नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही घर में पृथक से कमरा एवं टायलेट अटैच हो। घर एवं घर में संचालित दुकान तथा अन्य संस्था 17 दिन के लिए पूरी तरह आइसोलेट बंद होना हैैै। घर से न बाहर किसी को जाना है और न ही घर में बाहर से कोई आ सकता है। 17 दिन तक घर में मरीज के पास एवं पल्स आक्सीमीटर और थर्मामीटर होना चाहिए। पल्स आक्सीमीटर में आक्सीजन का लेवल 95 से कम नहीं होना चाहिए। 95 से कम होने पर तत्काल उन्हें कोविड-19 हॉस्पिटल में शिफ्ट होना होता है। साथ ही निजी चिकित्सक की सहमति अनिवार्य रूप से ले, जो मरीज की प्रतिदिन विडियो कालिंग अथवा फोन से जानकारी लेंगें। कोरोना पाजिटिव मरीज को डायबिटीज, हायपरटेंशन, अस्थमा, हृदय रोग आदि  बीमारी वाले मरीज को होम आइसोलेशन की पात्रता नहीं होगी। होम आइसोलेशन में किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर दूरभाष क्रमांक 07744-224084 पर संपर्क कर सकते हैं। होम आइसोलेशन पॉजिटिव मरीज दिन में तीन बार आक्सीजन लेवल और तापमान देखते रहेंगे और चार्ट मेन्टेन करेगें। भोजन समय पर कम मिर्च मसाला और तेल का रहेगा। गरम पानी पियेगें समय पर दवाइयों का सेवन करेगें। होम आइसोलेशन में लापरवाही के कारण जिले में दो तीन लोगों की मृत्यु हो चुकी है। डॉ. मिथिलेश चौधरी ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों एवं उनके घर वालों से अपील की है कि होम आइसोलेशन के प्रोटोकॉल का प्रतिदिन पालन करें एवं सुरक्षित और स्वस्थ रहें।

rj ramjhajhar

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