मुंगेली: मुख्यमंत्री ने विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया सामुदायिक वन संसाधन अधिकार समितियों के अध्यक्षों के कार्यशाला को संबोधित

 मुंगेली: मुख्यमंत्री ने विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया सामुदायिक वन संसाधन अधिकार समितियों के अध्यक्षों के कार्यशाला को संबोधित

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया सामुदायिक वन संसाधन अधिकार समितियों के अध्यक्षों के कार्यशाला को संबोधित

जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर ने प्रदान किया जिले के वन क्षेत्र में आने वाले नौ ग्रामों के वन अधिकार समिति को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र  

मुंगेली 02 अक्टूबर 2020// मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय से विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के संबंध में कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सामुदायिक वन संसाधन अधिकार समिति के अध्यक्षों और ग्राम के सरपंचो को संबोधित किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्य शाला में मुंगेली जिले के वन क्षेत्र में आने वाले वन समिति के नौ ग्राम पंचायतों को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र देने की बात कही। मुंगेली जिला कलेक्टोरेट स्थित स्वान कक्ष से जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमति लेखनी सोनू चंद्राकर, कलेक्टर श्री पी.एस.एल्मा और वनमण्डलाधिकारी श्री आर.सी.दुग्गा विडियो काॅन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित सामुदायिक वन संसाधन अधिकार समितियों के अध्यक्षों के कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि जंगल के मालिक वहां के रहवासी वनवासी है। उन्हे उनके वन क्षेत्रों के लिए सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र दिये जा रहे है। यह सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र उनके सामाजिक और आर्थिक उत्थान का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है जो कि पूरे देश में वनावरण का 17 प्रतिशत है। उन्होने कहा कि आगामी वर्ष में वृक्षारोपण कार्यक्रम में अब फलदार पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे वनांचल में रहने वाले हमारे आदिवासी समुदाय को आने वाले समय में रोजगार का साधन मिलेगा और उनकी आय में भी वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि राज्य में 37.7 प्रतिशत बच्चे कुपोषित हैं। छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त राज्य बनाने के लिए बीते वर्ष 2 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरुआत की गई थी। उन्होने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से एक वर्ष में ही राज्य के 5 लाख कुपोषित बच्चों में से 68 हजार बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए हैं। जो कि लगभग 13 प्रतिशत हैं। इसी तरह उन्होने स्वच्छता, स्वास्थ्य, कुपोषण के खिलाफ लड़ाई और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनवरत कार्य करने का भी उल्लेख किया।


जिला कलेक्टोरेट स्थित स्वान कक्ष में जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमति चंद्राकर, कलेक्टर श्री एल्मा और वनमंडलाधिकारी श्री दुग्गा ने तहसील लोरमी के ग्राम खुड़िया के लिए ग्राम पंचायत खुड़िया को 250 हेक्टेयर वन क्षेत्र का सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र, ग्राम डोंगरीगढ़ के लिए ग्राम पंचायत डोंगरीगढ़ को 103.600 हेक्टेयर वन क्षेत्र का सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र, ग्राम झिरिया के लिए ग्राम पंचायत झिरिया को 102 हेक्टेयर वन क्षेत्र का सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र,ग्राम भूतकछार के लिए ग्राम पंचायत कठौतिया को 100 हेक्टेयर वन क्षेत्र का सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र, ग्राम बघर्रा के लिए ग्राम पंचायत बघनीभांवर को 200 हेक्टेयर वन क्षेत्र का सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र, ग्राम कोसाबाड़ी के लिए ग्राम पंचायत कोसाबाड़ी को 203.313 हेक्टेयर वन क्षेत्र का सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र और ग्राम गुनापुर के लिए ग्राम पंचायत ढ़ोलगी को 199.800 हेक्टेयर वन क्षेत्र का सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र में प्रदान किया। इसी तरह ग्राम सलगी के लिए ग्राम पंचायत बिजराकछार को 200 हेक्टेयर वन क्षेत्र का सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र एवं ग्राम औंरापाना के लिए ग्राम पंचायत बोईहा को 200 हेक्टेयर वन क्षेत्र का सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर उन्होने सभी सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र धारकों को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्रों के तहत प्राप्त वन भूमि का उपयोग सामाजिक हित में करने की बात कही। विडियो काॅन्फ्रेंसिंग में जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री संजीत बनर्जी, जिला पंचायत के सदस्य श्री वंशी उल्ला खाॅ, श्रीमति रानू संजय केशरवानी, सुश्री अश्वनी अघ्घन मरावी, आदिवासी विकास विभाग के सुश्री शिल्पा सांय और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार समिति के अध्यक्षों तथा ग्राम के सरपंचगण उपस्थित थे।  

rj ramjhajhar

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