बैठक से नदारद अफसरों के विरूद्ध होगी कार्रवाई,गौठानों में तैयार होने लगे जैविक खाद,महानदी आर्गेनिक्स के नाम से होगी ब्राण्डिंग,गांवों में आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बनेंगे गौठान कलेक्टर ने की गौधन न्याय योजना की समीक्षा

 बैठक से नदारद अफसरों के विरूद्ध होगी कार्रवाई,गौठानों में तैयार होने लगे जैविक खाद,महानदी आर्गेनिक्स के नाम से होगी ब्राण्डिंग,गांवों में आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बनेंगे गौठान कलेक्टर ने की गौधन न्याय योजना की समीक्षा

मनहरण बंजारे बलौदाबाजार – 3 अक्टूबर 2020/गोधन न्याय योजना ने जिले में गति पकड़ ली है।गोबर खरीदी के पुख्ता इंतजाम के साथ ही अब जैविक खाद भी बनने लगे हैं। बहुत जल्द महानदी आर्गेनिक्स के नाम से इसकी आकर्षक ब्राण्डिग कर बिक्री की जायेगी। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप गौठानें अब गांव की आर्थिक गतिविधियों का अहम केन्द्र बनेंगी। ग्रामीण स्तर के तमाम छोटे-छोटे उद्योग-धंधों के लिए बुनियादी ढांचा यहां विकसित किया जायेगा ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण रोजगार के जरिये आत्मनिर्भर बन सकें। कलेक्टर श्री सुनील कुमार जैन ने आज वीडियो काॅन्फें्रसिंग के जरियेे गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुये इस आशय के विचार व्यक्त किये। उन्होंने आज महत्वपूर्ण व्हीसी बैठक से नदारद पाये गये कुछ अफसरों के विरूद्ध नाराजगी जाहिर की और कार्रवाई के लिये प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने के निर्देश दिये। बैठक में जिला पंचायत सीईओ डाॅ. फरिहा आलम सिद्धिकी भी उपस्थित थी।
कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार की यह महत्वपूर्ण योजना है। अधिकारी इसमें सौंपे गये दायित्वों का मिशन मोड में लेकर समीक्षा करें। नोडल अफसर प्रति सप्ताह गौठान का दौरा कर इसकी नियमित समीक्षा करें। यदि कोई परेशानी है, तो मुझे व्यक्तिगत रूप से बतायें। उन्होंने कहा कि खरीदे गये गोबर का जैविक खाद में परिवर्तित करना हमारा संपूर्ण लक्ष्य है। इसे स्व सहायता समूहों के जरिये किया जा रहा है। उन्होंने विकासखण्ड वार प्रत्येक सक्रिय गौठान के गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन में धनराशि की कोई कमी है। गोबर को जैविक खाद बनाने के लिये टांका स्वीकृत किये गये हैं। अफसर दौरे में देखें कि टांका बना अथवा नहीं। यदि और स्वीकृति की जरूरत हो तो बतायें। आर्गेनिक खाद बनानें में उपयोगी केचुआ भी सभी विकासखण्डों में पहुंचने शुरू हो गये हैं।

उल्लेखनीय है कि जिले में पूर्ण रूप से बने 168 गौठान काम कर रहे हैं। इनमें 96 गौठानों में गोबर खरीदी का काम किया जा रहा है। अब तक जिले की इन गौठानों से 37 हजार 609 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। प्रति किलोग्राम 2 रूपये के हिसाब से गोबर की खरीदी की जाती है। कलेक्टर ने कहा कि ये गौठान न केवल जैविक खाद निर्माण बल्कि आर्थिक गतिविधि के महत्वपूर्ण केन्द्र भी साबित होंगे। गांव के लिये अनुकूल मशाला उत्पादन, हवाई चप्पल निर्माण मशरूम उत्पादन, पेन निर्माण, एलईडी बल्ब, जूट बैग सहित अन्य ईकाई को जगह दी जायेंगी। उन्होंने कहा कि जैविक खाद की पैकेजिंग भी पुरूष स्व सहायता समूह को सौपी जायेगी। वे ही गौठान का दौरा कर पैकेजिंग का काम करेंगे। प्राथमिक कृषि सोसायटी की डिमाण्ड स्लीप के आधार पर किसानों को इसे उपलब्ध कराया जायेगा। दो, पांच और 30 किलोग्राम का पैकेट तैयार किया जायेगा। गौठान समितियां निजी तौर पर भी इसका विक्रय कर सकती हैं।

Manharan Banjare

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