प्राइवेट स्कूल छात्रों के अभिभावकों से वसूल रहे अनाप सनाप पैसे

 प्राइवेट स्कूल छात्रों के अभिभावकों से वसूल रहे अनाप सनाप पैसे

इन दिनों पूरे छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी के चलते पढ़ाई लिखाई ठप है हालांकि ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से कुछ परसेंट विद्यार्थियों की पढ़ाई को जारी रखा गया है

परंतु इस दौरान सरकार के नित नए योजना से शिक्षा विभाग भी असमंजस की स्थिति में है और अब स्थिति यह है कि कई प्राइवेट स्कूलों ने एडमिशन के नाम पर बच्चों के अभिभावकों से अनाप-शनाप पैसों का डिमांड कर रही है जबकि अभी तक शिक्षा विभाग की तरफ से इस विषय में स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं किया गया है प्राइवेट स्कूलों द्वारा किए जा रहे इस प्रकार के मनमानी वसूली के जानकारी के लिए कई आवेदन प्रतिवेदन भी किए गए और अब वर्तमान में जिला शिक्षा अधिकारी छत्तीसगढ़ को कोविड-19 लॉक डाउन की अवधि में निजी शालाओं द्वारा वसूली गई फीस की जानकारी मांगी गई है जिसमे उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 9 7 2020 का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुए शिक्षा विभाग के पत्र क्रमांक 31 7 2020 के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय का अक्षरसह पालन करने की बातें कही गई है इस आदेश के परिपालन उपरांत जिला शिक्षा अधिकारी भी चार्ज होते हुए प्रीत रूप से कार्रवाई करने तैयार हो गए हैं

जिला शिक्षा अधिकारी छत्तीसगढ़ से मांगी गई जानकारी इस प्रकार है
1 सत्र 2019 20 में निजी शालाओं द्वारा लॉकडाउन से पूर्व किन किन मदों में कितनी फीस विद्यार्थियों से ली जा रही थी
2 माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 9 7 2020 के उपरांत निजी शालाओं द्वारा किन किन मदों में कितना शुल्क लिया जा रहा है
3 उन छात्रों की सूची जिन्हें निजी शालाओं के द्वारा फीस जमा नहीं किए जाने के कारण ऑनलाइन कक्षा से वंचित किया गया है अथवा पीसी दिया गया है जानकारी मांगी गई है
 बरहाल निजी शालाओं द्वारा फीस वसूली का कार्य अब भी जोरों शोरों से जारी है और जल्द ही शिक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं किए जाने की स्थिति में फीस वसूली की यह कवायद निजी शालाओं द्वारा और तेजी से की जा सकती है ऐसे में जल्द से जल्द स्पष्ट गाइडलाइन जारी करने की आवश्यकता समझी जा रही है
rj ramjhajhar

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