तहसील माडयूल के माध्यम से तहसीलदार द्वारा की जाएगी नवीन किसानो का पंजीयन समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले कृषको के पंजीयन के संबंध में संयुक्त प्रशिक्षण एवं कार्य शाला सम्पन्न

मुंगेली 26 अगस्त 2020// जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 हेतु समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई है। प्रथम चरण में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले कृषको के पंजीयन के संबंध में जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभा कक्ष में कल 25 अगस्त को विकास खण्ड मुंगेली और 26 अगस्त को विकास खण्ड लोरमी एवं पथरिया के राजस्व अधिकारियों खाद्य अधिकारियों और सहकारिता एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों एवं विभिन्न समिति के समिति प्रबंधको और कम्प्यूटर आपरेटरों की संयुक्त प्रशिक्षण एवं कार्य शाला सम्पन्न हुई । संयुक्त प्रशिक्षण एवं कार्य शाला कलेक्टर श्री पी.एस.एल्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई ।
कलेक्टर श्री एल्मा ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु किसान पंजीयन के संबंध में आयोजित संयुक्त प्रशिक्षण एवं कार्य शाला में प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि किसानो से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस हेतु प्रथम चरण में धान विक्रय करने वाले किसानो का पंजीयन किया जाता है। पंजीयन का कार्य 17 अगस्त से प्रारंभ हो गया है और यह कार्य 31 अक्टूबर तक चलेगा। उन्होने कहा कि विगत खरीफ वर्ष 2019-20 में पंजीकृत किसानो को खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के लिए पंजीकृत माना जाएगा। उन्हे वापस समिति में आकर पंजीयन कराने की आवश्यकता नही है। इस हेतु उन्होने पंजीकृत कृषको का डाटा साॅफ्टवेयर के माध्यम से कैरी-फाॅरवर्ड करने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री एल्मा ने कहा कि गत खरीफ वर्ष 2019-20 में जिन किसानो ने पंजीयन नही कराया था। किन्तु इस वर्ष जो धान विक्रय करने हेतु इच्छुक है, ऐसे नवीन किसानो का पंजीयन तहसील माडयूल के माध्यम से तहसीलदार द्वारा किया जाएगा। नये पंजीयन हेतु किसानो द्वारा समिति से आवेदन प्राप्त कर उसे भर कर संबंधित दस्तावेजों के साथ तहसील कार्यालय में जमा करना होगा। आवेदन में उल्लेखित भूमि एवं धान के रकबे तथा खसरे का पटवारी द्वारा राजस्व रिकार्ड के आधार पर सत्यापन किया जाएगा। उन्होने कहा कि उद्यानिकी तथा धान से पृथक अन्य फसलों के रकबे को किसी भी परिस्थिति में धान के रकबे के रूप में पंजीयन नही किया जाएगा। उन्होने कहा कि यदि पटवारी द्वारा सत्यापित रकबें और डाटा एन्ट्री आपरेटर के द्वारा आॅनलाईन एन्ट्री किये गये रकबें में भिन्नता होगी तो डाटा एन्ट्री आपरेटर तथा उनके कार्यो के सीधे पर्यवेक्षण हेतु जिम्मेदार सहकारी समिति के प्रबंधक तथा अध्यक्ष की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी। इसी तरह यदि राजस्व रिकाॅर्ड में दर्ज रकबें और पटवारी के द्वारा सत्यापित रकबें में भिन्नता होगी तो संबंधित पटवारी की तथा उसके कार्यो का पर्यवेक्षण करने वाले राजस्व अमलों की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी। इस अवसर पर उन्होने प्रशिक्षणार्थियों द्वारा किसान पंजीयन के संबंध में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देकर उनके जिज्ञासा को शांत किया। उन्होने प्रशिक्षणार्थियों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु किसान पंजीयन के संबंध में दिये गये निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिये। इसके पूर्व विपणन कार्यालय के प्रोग्रामर द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से पंजीयन के विभिन्न आयामों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। प्रशिक्षण और कार्य शाला में पथरिया अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी श्रीमति अनुराधा अग्रवाल, जिला खाद्य अधिकारी श्री विमल दुबे, सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री उत्तर कुमार कौशिक सहित राजस्व, खाद्य, सहकारिता विभाग , सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारी तथा विभिन्न समितियों के समिति प्रबंधक भी मौजूद थे।

rj ramjhajhar

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