कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक संपन्न – बच्चों के संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों की समीक्षा – बाल विवाह तथा भिक्षावृत्ति रोकने, गंभीरता से कार्य करें : कलेक्टर

 कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक संपन्न – बच्चों के संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों की समीक्षा – बाल विवाह तथा भिक्षावृत्ति रोकने, गंभीरता से कार्य करें : कलेक्टर

राजनांदगांव // कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित एकीकृत बाल संरक्षण योजनांतर्गत गठित जिला बाल संरक्षण समिति, जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी एवं जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक  आयोजित की गई। कलेक्टर   वर्मा ने कहा कि जिले में बाल विवाह जैसी कुरीति की रोकथाम के लिए वार्ड एवं पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समितियों को जागरूक किया जाए। सर्व समाज प्रमुखों की बैठक लेकर बाल विवाह नहीं होने के लिए प्रेरित किया जाए। ग्राम पंचायतों के बाल संरक्षण समितियों द्वारा बाल विवाह रोकने पर पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने जिले में भिक्षावृत्ति रोकने पर गंभीरता से कार्य करने कहा। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा निजी चिकित्सालयों में क्रेडल बेबी रिशेपसन केन्द्र स्थापित करने के निर्देश दिए।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास  रेणु प्रकाश ने एकीकृत बाल संरक्षण योजना के तहत किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधि से संघर्षरत, देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक तथा बालिकाओं के लिए अलग-अलग गृह संचालित हंै। जिसकी मॉनिटरिंग विभाग द्वारा नियमित रूप से की जा रही है। राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा महिला सदस्यों को शामिल करते हुए त्रैमासिक निरीक्षण किया जा रहा है। सभी गृहों में सुरक्षात्मक व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरा एवं सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए है। किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं नियम 2016 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराते हुए गृहों का संचालन किया जा रहा है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी  चन्द्रकिशोर लाड़े ने जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंचायत  एवं वार्ड स्तरीय बाल संरक्षण समितियों को प्रशिक्षण दिए जाने के लिए संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार विस्तृत कार्य योजना तैयार की जा रही है। कालेजों में अध्ययनरत एनएसएस एवं एनसीसी छात्रों को प्रशिक्षित कर पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण की मानिटरिंग परियोजना अधिकारियों तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के माध्यम से किया जाएगा। बैठक में आयुक्त नगर निगम   चंद्रकांत कौशिक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, किशोर न्याय बोर्ड एवं बालक कल्याण समिति के सदस्य, स्वैच्छिक संगठन के प्रतिनिधि, बाल देखरेख संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

rj ramjhajhar

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