आगामी खरीफ फसल में वर्मी कम्पोस्ट खाद का अधिकाधिक उपयोग करने हेतु कृषकों को करें प्रोत्साहित – मुख्य सचिव जैन

 आगामी खरीफ फसल में वर्मी कम्पोस्ट खाद का अधिकाधिक उपयोग करने हेतु कृषकों को करें प्रोत्साहित – मुख्य सचिव जैन

मुंगेली // छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव  अमिताभ जैन ने आज सभी संभागायुक्त, कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों की विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेकर प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तार पूर्वक समीक्षा की। मुंगेली जिला कलेक्टोरेट स्थित एनआईसी कक्ष में कलेक्टर पी.एस.एल्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारी   रोहित ब्यास, कृषि विभाग के उपसंचालक  डी.के. ब्यौहार, राजीव गांधी स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक  उत्कर्ष तिवारी सहित अन्य विभागों के अधिकारीगण  विडियो काॅन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए। मुख्य सचिव  जैन ने विडियो काॅन्फ्रेंसिंग में समर्थन मूल्य पर खरीदे गये धान को हो रही आकस्मिक बारिश से बचाने और धान परिवहन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होने गोधन न्याय योजना के समीक्षा करते हुए कहा कि गोठानों में निर्मित किये जा रहे वर्मी कम्पोस्ट खाद का शत-प्रतिशत विक्रय कर समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करें। उन्होने गोठानों को मल्टी एक्टिविटी सेंटर के रूप में संचालित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिये। मुख्य सचिव  जैन ने विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गोठान में डबरी निर्माण, शेड निर्माण, बारी विकास सहित अन्य आजीविका मूलक गतिविधियों को निरंतर जारी रखने के भी निर्देश दिये। इसी प्रकार उन्होने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को धान के अलावा अन्य फसल लेने तथा आगामी खरीफ फसल में वर्मी कम्पोस्ट खाद का अधिकाधिक उपयोग करने हेतु कृषकों को प्रोत्साहित करें। मुख्य सचिव  जैन ने कोविड टीकाकरण की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की और आवश्यक निर्देश दिये।

विडियो काॅन्फ्रेंसिंग में कृषि उत्पादन आयुक्त ने वर्मी कम्पोस्ट खाद का उपयोग के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर कलेक्टर  एल्मा ने बताया कि सुराजी योजना के तहत पशु धन के संरक्षण और संर्वधन के लिए जिले में 313 गोठानों की स्वीकृति दी गई है। इनमें से 175 गोठान सक्रिय है। शेष गोठान निर्माणाधीन है। विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर   एल्मा ने बताया कि 15 फरवरी 2021 तक 1 लाख 12 हजार 650 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। इनमें से 40 हजार 818 क्विंटल गोबर का उपयोग वर्मी कम्पोस्ट और अन्य उत्पाद बनाने में किया गया है। उन्होने बताया कि 36 हजार 60 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद का कृषि, उद्यानिकी, वन, नगरीय प्रशासन अन्य विभाग सहकारिता, निजी और अन्य संस्थानों में विक्रय हेतु कार्य योजना बना ली गई है। बैठक में उन्होने बताया कि आगामी खरीफ 2021 में वर्मी कम्पोस्ट उपयोग हेतु 27 हजार किसानों का पंजीयन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए कार्य योजना बनाकर कार्य किये जा रहे है।

 

rj ramjhajhar

rj ramjhajhar

Related post